गम-ए-मोहब्बत(pages of love)


लिखा है गम मोहब्बत पर मिला भी कुछ नहीं हमको
सभी पढ़कर बढे आगे गिला भी कुछ नहीं हमको
मेरी तकदीर में ही हर तरफ एक बस वीरानी है
मिली ठोकर ज़माने से खला भी कुछ नहीं हमको
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